स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता

स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता

आज़ादी की पचहत्तरवीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए पूरे भारत मे ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ मनाया जा रहा है ।इसके अंतर्गत इस बात पर बल दिया जा रहा है कि हम सब राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम और आज़ादी की विरासत को याद करते हुए वर्तमान में उसका महत्व और आज़ादी के समसामयिक मायनों की तलाश करें। और यह तलाश कई तरह से की जा सकती है।इसी महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत आत्मा राम सनातन धर्म महाविद्यालय का हिंदी परिषद(हिंदी विभाग) तथा अन्तरआनुशासनिक हिंदी पत्रिका ‘समन्वय’ समिति ने संयुक्त रूप से तीन ऑनलाइन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया।
सबसे पहला कार्यक्रम भारत की स्वतंत्रता पर आधारित प्रश्नोत्तरी का था जो कि दिनाँक 11 अगस्त, 2021 को आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम गूगल प्लेटफॉर्म पर आयोजित किया गया था। युवा समुदाय ने इसमें बड़े ही उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता में तृतीय स्थान पर शुभी विज रही, द्वितीय स्थान पर रहे अभिषेक कुमार गुप्ता एवं प्रथम स्थान हासिल किया दीपांशु रजौरा ने। सभी विजेताओं को महाविद्यालय की ओर से प्रशंसा पत्र दिया जाएगा।
अगला कार्यक्रम भी स्वतंत्रता आंदोलन पर आधारित प्रश्नोत्तरी का था। यह कार्यक्रम 12 अगस्त, 2021 को गूगल मीट पर लाइव आयोजित किया गया। यह प्रतियोगिता तीन चरणों में संपन्न हुई। पहले चरण में 25 प्रश्न थे जिसके बाद दूसरे चरण के लिए 6 प्रतिभागियों के चयन किया गया। इस चरण में प्रतिभागियों को 10 प्रश्नों का सामना करना था। आखिरी चरण जिसका नाम ‘न ना ना ना नारे’ था उसके लिए 4 प्रतिभागियों का चयन हुआ। इस चरण के उपरांत तीन विजेताओं की घोषणा की गयी।
इस प्रतियोगिता की माला में अंतिम मोती था स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता का जो कि 13अगस्त, 2021 को संपन्न हुआ। इसमेे मुख्य अतिथि कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर ज्ञानतोष कुमार झा थे। कार्यक्रम का संचालन छात्र प्रतिनिधि नंदिनी झा और अभिषेक तिवारी किया गया ।निर्णायक मंडल के रूप में डॉ. श्रीधर्म और डॉ.गीता देवी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । कार्यक्रम के आरंभ में प्राचार्य प्रोफेसर ज्ञानतोष कुमार झा ने छात्रों को उदबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन और आज़ादी के महत्व पर प्रकाश डाला । साथ ही वर्तमान में आज़ादी की विरासत के रूप में अपने लोकतांत्रिक दायित्वों को प्रति सजग रहने के लिए कहा। और बताया कि युवाओं का दायित्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि वे राष्ट्र के भविष्य के कर्णधार होते हैं।
कुल मिला के 25 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया। इसमें प्रथम पुरस्कार रजत प्रताप, द्वितीय पुरस्कार खिलेंद्र पाटले तथा तृतीय पुरस्कार पूजा तिवरी को दिया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान आज़ादी के अमृत महोत्सव के प्रति छात्रों में अलग तरह का उत्साह दिख।

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